Sunday, July 10, 2011
Wednesday, March 09, 2011
Wednesday, March 02, 2011
बारिश
बारिश में भीगी हुई नायिका को देखकर, बुड्ढों के भी मन में मयूर नाचने लगे ,
रंगने लगे वो बाल ठोकने लगे हें ताल, उम्र को छुपाने वाला चूर्ण चाटने लगे .
कुरता कलफदार छतरी से रोक धार ,ऐनक से घूर घूर रूप आंकने लगे .
किन्तु एक षोडशी बाला ने जब बाबा कहा, छाती माथा कूटकर बगल झाँकने लगे ........kavirameshmuskan@gmail.com
रंगने लगे वो बाल ठोकने लगे हें ताल, उम्र को छुपाने वाला चूर्ण चाटने लगे .
कुरता कलफदार छतरी से रोक धार ,ऐनक से घूर घूर रूप आंकने लगे .
किन्तु एक षोडशी बाला ने जब बाबा कहा, छाती माथा कूटकर बगल झाँकने लगे ........kavirameshmuskan@gmail.com
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